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विश्लेषण और योजना

विश्लेषण और योजना
उन्होंने कहा कि समय के साथ कोरोनावायरस वैक्सीन की प्रभावशीलता कम हो जाती है और नए उभरते वेरिएंट के कारण बीमारी की तुलना अन्य वैक्सीन-उपचार योग्य विश्लेषण और योजना बीमारियों से नहीं की जानी चाहिए।

योजना पत्रिका | Yojana Magazine July 2021 PDF Hindi

योजना पत्रिका | Yojana Magazine विश्लेषण और योजना July 2021 in Hindi PDF download link is available विश्लेषण और योजना below in the article, download PDF of योजना पत्रिका | Yojana Magazine July 2021 in Hindi using the direct link given at the bottom of content.

PDF Nameयोजना पत्रिका | Yojana Magazine July 2021 PDF
No. of Pages64
LanguageHindi
TagsYojana Magazine
PDF CategoryEducation & Jobs
Published/Updated July 11, 2021
Source / Creditspublicationsdivision.nic.in
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योजना पत्रिका | Yojana Magazine July 2021 Hindi PDF

हैलो दोस्तों, आज हम आपके लिए लेकर आये हैं योजना पत्रिका | Yojana Magazine July 2021 PDF हिन्दी भाषा में। अगर आप योजना पत्रिका | Yojana Magazine July 2021 हिन्दी पीडीएफ़ डाउनलोड करना चाहते हैं तो आप बिल्कुल सही जगह आए हैं। इस लेख में विश्लेषण और योजना हम आपको देंगे योजना पत्रिका | Yojana Magazine July 2021 के बारे में सम्पूर्ण जानकारी और पीडीएफ़ का direct डाउनलोड लिंक।

योजना एक मासिक पत्रिका है जो अंग्रेजी, हिंदी और भारत की कई अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में प्रकाशित होती है। पत्रिका किसी भी मुद्दे पर विभिन्न प्रकार की राय और विचार देती है और इस तरह एक संतुलित तस्वीर प्रस्तुत करती है। उपयोगकर्ता पत्रिका को हिंदी, तेलुगु, उर्दू, बंगाली, गुजराती आदि में भी पढ़ सकते हैं।

यह सरकारी जानकारी का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत है, और इस प्रकार प्रश्नों के पूछे जाने की संभावना बढ़ जाती है। योजना पत्रिका किसी भी मुद्दे को संतुलित तरीके से संभालने और रचनात्मक आलोचना करने की तकनीक सीखने में मदद करती है।

विश्लेषण और योजना

अमेरिका में कोविड से होने वाली मौतों में अधिकांश टीकाकृत लोग : रिपोर्ट

न्यूयॉर्क, 24 नवंबर (आईएएनएस)। एक चौंकाने वाले खुलासे में, वाशिंगटन पोस्ट के एक विश्लेषण में पाया गया है कि टीका करवाने वाले लोग अब कोविड बीमारी से मर रहे हैं और अगस्त में अमेरिका में कोरोनावायरस से होने वाली मौतों में से 58 प्रतिशत वे लोग थे जिन्हें टीका लगाया गया था।

अमेरिका में कोविड से होने वाली मौतों में अधिकांश टीकाकृत लोग : रिपोर्ट

न्यूयॉर्क, 24 नवंबर (आईएएनएस)। एक चौंकाने वाले खुलासे में, वाशिंगटन पोस्ट के एक विश्लेषण में पाया गया है कि टीका करवाने वाले लोग अब कोविड बीमारी से मर रहे हैं और अगस्त में अमेरिका में कोरोनावायरस से होने वाली मौतों में से 58 प्रतिशत वे लोग थे जिन्हें टीका लगाया गया था।

PPF: पीपीएफ होल्डर की मृत्यु हो जाए तो क्या होगा? जानिए कैसे मिलेगा पैसा

पीपीएफ एक ऐसी शानदार स्मॉल सेविंग स्कीम है, जिसमें कम समय में आप अच्‍छी खासी रकम इकट्ठी कर सकते हैं क्‍योंकि ये अन्‍य सेविंग्‍स स्‍कीम के मुकाबले बेहतर रिटर्न देती है.

Written by Dimple Yadav November 25, 2022

Public Provident Fund

Public Provident Fund यानी पीपीएफ एक ऐसी शानदार स्मॉल सेविंग योजना है, जिसमें कम समय में आप मोटी रकम जमा कर सकते हैं क्‍योंकि ये अन्‍य सेविंग्‍स स्‍कीम के मुकाबले अच्छा रिटर्न प्रदान करती है. इसमें आपको कंपाउंडिंग इंटरेस्‍ट के विश्लेषण और योजना साथ टैक्‍स से छूट का भी भरपुर लाभ दिया जा रहा है. बता दें कि इस स्‍कीम में कोई भी भारतीय नागरिक इन्‍वेस्‍टमेंट कर सकता है. पीपीएफ का मैच्योरिटी पीरियड 15 साल का होता है. लेकिन, अगर बीच में ही पीपीएफ होल्‍डर की मृत्‍यु हो जाए, तो उसकी जमा राशि किसे मिलती और इसके लिए विश्लेषण और योजना क्‍या नियम हैं. आइए हम आपको बताते है.

अगर खाताधारक की मृत्‍यु किसी कारणवश योजना की मैच्‍योरिटी से पहले हो जाती है तो नॉमिनी पीपीएफ स्कीम में जमा राशि का हकदार हो जाता है. ऐसे में नॉमिनी अपनी आईडी दिखाकर खाते पर डेथ क्लेम कर सकता हैं. क्‍लेम करने के दौरान नॉमिनी को खाताधारक के डेथ सर्टिफिकेट की जरूरत पड़ सकती है. पोस्‍ट ऑफिस या बैंक, जहां भी पीपीएफ अकाउंट खुलवाया गया हो, नॉमिनी को वहां जाकर डेथ क्लेम का फॉर्म भरना होता है और डेथ सर्टिफिकेट की कॉपी लगानी पड़ती है. इसके बाद नॉमिनी को पीपीएफ अकाउंट में जमा राशि मिल जाएगी और अकाउंट को बंद कर दिया जाएगा.

डेथ क्‍लेम सेटलमेंट के नियम

अगर क्लेम की राशि 5 लाख रुपए है, तो डेथ क्‍लेम सेटलमेंट नॉमिनेशन, कानूनी सबूत या बिना कानूनी प्रूफ के ही अथॉरिटी के विवेक के आधार पर किया जा सकता है, लेकिन अगर राशि 5 लाख रुपए से अधिक है तो नॉमिनी को पीपीएफ अकाउंट विश्लेषण और योजना में जमा राशि को हासिल करने के लिए कानूनी प्रूफ की जरूरत हर हाल में होगी. अगर कोई सबूत नहीं है तो कोर्ट से सक्‍सेशन सर्टिफिकेट लेकर बनवाना पड़ सकता है.

अगर पीपीएफ अकाउंट होल्‍डर किसी कारण से 15 साल तक इस योजना को नहीं चला पाते है, उसे या उसके बच्‍चों को कोई जानलेवा बीमारी है तो ऐसी स्थिति में 5 साल बाद पीपीएफ अकाउंट में जमा राशि को निकाला सकते है. हालांकि ऐसी स्थिति में आपकी जमा राशि की ब्‍याज दर में 1 फीसदी की कटौती की जाती है

#NindakNiyre: ओम माथुर के तीन दिन में तीन बयान भाजपा की तीन चुनौतियों पर कर रहे प्रहार, जानिए पूरा विश्लेषण

छत्तीसगढ़ भाजपा प्रभारी ओम माथुर ने अपने तीन दिन के दौरे में विश्लेषण और योजना तीन प्रमुख बयान दिए। पहले उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ी के चुनाव कोई चुनौति नहीं। दूसरे दिन वे बोले आगामी चुनाव भाजपा युद्ध की तरह लड़ेगी। फिर तीसरे दिन तीसरा बयान आया, जिसमें कहा विधायकों को हराने का संकल्प लें कार्यकर्ता। ओम माथुर बड़े कद के नेता हैं। इसलिए उनकी कही बात यूं ही नहीं हैं। इनके गहरे और दूरगामी मायने हैं। आज का विश्लेषण इन्हीं तीन बयानों पर। इन्हीं में छिपा है ओम माथुर के विश्लेषण और योजना दौरे से निकला सार। छत्तीसगढ़ भाजपा में 3 बड़ी चुनौतियां हैं। पार्टी पहले इनसे निपटना चाहती है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए ही ओम माथुर ने तीन दिन में तीन महत्वपूर्ण बयान दिए। आज का विश्लेषण इसी पर।

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